442+ Best Barish ka Mausam shayari in hindi|रिम झिम बारिश की शायरी

Barish ka Mausam shayari कभी जी भर के बरसना,कभी बूँदबूँद के,लिए तड़पना, अये बारिश तेरी आदतें भी,मेरे यार जैसी हैं, मजबूरियाँ ओढ़ के निकलता हूँ घर से,आजकल,वरना शौक तो आज भी है,बारिशो में भीगने का, क्या तमाशा लगा रखा है तूने एबारिश,बरसना ही है, तो जम के बरस वैसे भी,इतनी रिमझिम तो मेरी आँखो से

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