235+ For the love of God shayari in hindi for engalish|भगवान के प्यार के लिए शायरी

235+ For the love of God shayari in hindi for engalish|भगवान के प्यार के लिए शायरी

for the love of god

मत करना अभिमान खुद पर ऐ इन्सान,
तेरे और मेरे जैसे कितनो को
ईश्वर ने माटी से बनाकर,
माटी में मिला दिया,

Don’t be proud of yourself, O man,
how many like you and me
God made it out of soil,
mixed in the soil,

वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ,
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा,

Vakratunda Mahakaya Suryakoti Samaprabha,
Make me free from obstacles, O God, in all my works always,

जब भी आपसे कोई चीज़ छिन जाये,
समझ जाओ ऊपर वाला, आपको पहले से,
कुछ बेहतर देना चाहता है,
और प्रयास जारी रखें,

Whenever something is taken away from you,
Understand the above, you already know,
wants to give something better,
and keep trying,

छोटी सी उंगली से पूरा,
गोवर्धन पर्वत उठाने वाले श्री कृष्ण,
पर वो बाँसुरी को दोनों हाथों से,
पकड़ते हैं,
बस दोनों में इतना ही अंतर है,
पराक्रम और प्रेम का,
आपसी संबंधों में पराक्रम नहीं,
प्रेम दिखाइए,

full of little finger,
Shri Krishna lifting the Govardhan mountain,
But he held the flute with both hands,
catch up,
The only difference between the two is,
of strength and love,
There is no power in mutual relations,
show love,

ईश्वर पर आप तभी विश्वास कर सकते हैं,
जब आपको खुद पर विश्वास हो,
क्योंकि ईश्वर बाहर नहीं हमारे अंदर ही हैं,

Only then can you believe in God,
when you believe in yourself,
Because God is not outside but inside us,

यदि प्रेम का मतलब, सिर्फ पा लेना होता,
तो हर हृदय में, राधा कृष्ण का नाम नहीं होता,

If love meant only getting,
So in every heart, the name of Radha Krishna is not there,

संस्कार और संस्कृति की शान मिले ऐसे,
हिन्दू मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले ऐसे,
की मंदिर में अल्लाह,
और मस्जिद में राम मिले जैसे,

To get the pride of culture and tradition,
Hindu Muslim and Hindustan meet like this,
In the temple of Allah,
And like Ram met in the mosque,

विश्वास करो मैंने तुम्हारे लिए वही विधान किया,
जो तुम्हारे लिए उचित था, मैंने आज तक जो कुछ किया,
तुम्हारे मंगल के लिए किया,

Believe me, I made the same law for you,
Whatever was right for you, whatever I have done till date,
done for your good,

हर ओर सत्यम शिवम सुन्दरम, हर हृदय में हर हर हैं,
जड़ चेतन में अभिव्यक्त सतत कंकर कंकर में, परमेश्वर हैं,

Satyam Shivam Sundaram is everywhere, in every heart there is every one,
In the perpetual kankar kankar expressed in the inanimate consciousness, is the Supreme Lord,

मेरा भी खाता खोल दो भगवान अपने दरबार में,
आता रहूँ निरंतर लेन देन के व्यापार में,
मेरे कर्मो के मूल पर आपके दर्शन का ब्याज लगा देना,
जो ना चुका पाऊँ उधार तो अपना सेवादार बना देना,

Open my account too Lord, in your court,
Keep coming in the business of continuous transactions,
To put the interest of your philosophy on the root of my deeds,
If I can’t repay the loan, then make me your servant.

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