165+ Best Masoom chehra shayari in hindi|मासूम चेहरा शायरी इन हिंदी

165+ Best Masoom chehra shayari in hindi|मासूम चेहरा शायरी इन हिंदी

tera masoom chehra shayari

इतनी मासूमियत कहाँ से लाते हो,
इतना अच्छा कैसे मुस्कुराते हो,
बचपन से ही कमीने हो,
या शक्ल ऐसी बनाते,

उसे देख कर लगता है,
नज़र ना लगेइसकी मासूमियत को उन
दरिंदो कीपहुंच से कोसो दूर रहे,
इसका बचपनाकोई आंच न आए इसके,
आत्मविश्वास,में कोई ना बहला सके इसे
अपनी साज़िश में,

न जाने क्या मासूमियत है,
तेरे चेहरे पर,
तेरे सामने आने से ज़्यादा,
तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है,

प्यार की राहों में,
मुझे तन्हा छोड़ गई,
मासूम से दिल को,
क्यों धोखा दे गई,

इश्क मेरा गहरा,
जो उन्हें करीब लाया है,
उनकी मासूम अदाओं पर,
मेरा ये दिल आया है,

उसके दिल्लगी करने का अंदाज याद है,
मासूम सा चेहरा मुझे आज भी याद है,

सवालों के परत में लिपटे ना जाने
कितने सवालमन में आते हैं,
जब करते हैं तलाश जवाब की,
फिर मासूम से सवाल सिर्फ सवाल ही रह जाते हैं,

वो मासूम चेहरा मेरे ज़ेहन से निकलता ही नहीं,
दिल को कैसे समझाऊ कि धोखेबाज़ था वो,

अपनी पीठ से निकले खंज़रों को जब गिना मैंने,
ठीक उतने ही, निकले जितना तुझे गले लगाया था,

मोहब्बत सिखा कर जुदा हो गए,
ना सोचा ना समझा खफा हो गए,
दुनिया में किसको हम अपना कहे,
अगर तुम ही मेरी जान बेवफा हो गए,

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