165+ Best Masoom chehra shayari in hindi|मासूम चेहरा शायरी इन हिंदी

165+ Best Masoom chehra shayari in hindi|मासूम चेहरा शायरी इन हिंदी

masoom chehra poetry

शाम की लाली तेरी
रंगत की याद दिलाती है,
तेरी #मासूमियत ही मुझे
तेरी ओर खींच लाती है,

कितनी मासूमियत छलक आती है,
जब छोटे बच्चे की तरह वो मेरी
उंगलियो के साथ खेलते खेलते सो जाती है,

दम तोड़ जाती है,हर शिकायत,
लबों पे आकर,जब मासूमियत से
वो कहती है, मैंने क्या किया है

मासूमियत तुझमे है, पर तू इतना मासूम भी नही,
की मैं तेरे कब्जे में हूँ और तुझे मालूम भी नहीं,

मासूम तेरी आँखों में मेरा दिल खो जाता है,
जब जब तुझे देख लू मेरा जीवन मुकम्मल हो जाता है,
न आए तू जो मुझको नज़र तेरे दीदार के लिए,
मेरा दिल तरस जाता ह,

बेवफा तेरा मासूम चेहरा
भूल जाने के काबिल नही,
है,मगर तू बहुत खूबसूरत
पर दिल लगाने के काबिल नही,

अगर उम्मीदएवफ़ा करूँ तो किस से करूँ,
मुझ को तो मेरी ज़िंदगी भी बेवफ़ा लगती है,

काम आ सकी न अपनी वफायें तो क्या करें,
उस बेवफा को भूल न जाये तो क्या करे,

तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी,
बेवफा मैंने तुझ को भुलाया नहीं अभी,

ये शायरी की महफ़िल बनी है
आशिकों के लिये,बेवफाओं की क्या
औकात जो शब्दों को तोल सके,

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