165+ Best Masoom chehra shayari in hindi|मासूम चेहरा शायरी इन हिंदी

165+ Best Masoom chehra shayari in hindi|मासूम चेहरा शायरी इन हिंदी

shayari in english

यूँ नाराज़ मत हुआ करो हमसे इतना मेरे सनम,
बदकिस्मत ज़रूर हैं
हम मगर बेवफा नहीं,

अब के अब तस्लीम कर लें तू नहीं तो मैं सही,
कौन मानेगा कि हम में से बेवफा कोई नही,

सितम है लाश पर उस बेवफा का यह कहना,
कि आने का भी न किसी ने इंतज़ार किया,

रोये कुछ इस तरह से मेरे जिस्म से लिपट के,
ऐसा लगा के जैसे कभी बेवफा न थे वो,

वो जमाने में यूँ ही बेवफ़ा मशहूर हो गये दोस्त,
हजारों चाहने वाले थे किस-किस से वफ़ा करते,

मेरी तलाश का जुर्म है,या मेरी वफा का क़सूर,
जो दिल के करीब आया वही बेवफा निकला,

अपने तजुर्बे की आज़माइश की ज़िद थी,
वर्ना हमको था मालूम कि तुम बेवफा हो जाओगे,

बेवफा तेरा मासूम चेहरा भूल जाने के काबिल नही,
है,मगर तू बहुत खुबसूरत दिल लगाने के काबिल नही,

बेमिसाल कुर्बत है, तू काइनात की,
दिल खो दिया है,जबसे ये हसीं चेहरे
देखा है हमने ऐ सनम,

कोई समझाओ इन खूबसूरत हसीनाओं को,
मेरे यार के चेरे के आगे सुब फीकी है,

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